बी.पी.एल. में चयनित परिवारों के लिये

 
योजना क्‍या है
 

राजस्‍थान में प्रथम बार प्रारम्‍भ की गई यह एक अनूठी योजना है जिसके अन्‍तर्गत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले असहाय लोगों को गंभीर रोगों की जांच एवं उपचार की सुविधा एवं आर्थिक सहायता प्रदान कराने के लिए राजस्‍थान के मुख्‍यमंत्री द्वारा राजस्‍थान मुख्‍यमंत्री जीवन रक्षा कोष सोसायटी की स्‍थापना की गई है। इस योजना से काफी बडी संख्‍या में लोग लाभान्वित हो रहे हैं। चिकित्‍सा विभाग, राजस्‍थान सरकार द्वारा संचालित इस योजना में कुल प्राप्‍त राशि का एक तिहाई हिस्‍सा केन्‍द्र सरकार द्वारा तथा दो तिहाई हिस्‍सा राजस्‍थान सरकार द्वारा उपलब्‍ध कराया जाता है।

 

योजना के उद्देश्‍य क्‍या हैं ?

 

पात्र गरीब रोगियों को विशिष्‍ट चिकित्‍सालयों में सामान्‍य व अतिविशिष्‍ट चिकित्‍सा सेवाएं उपलब्‍ध कराना।
पात्र गरीब रोगियों को चिन्हित चिकित्‍सा संस्‍थाओं में चिकित्‍सा सुविधा हेतु राशि का आवंटन या रोगी द्वारा भुगतान की गई राशि का पुनर्भुगतान करना तथा रोगी व उसके एक परिचालक हेतु विज्ञाम भत्तों की राशि का आवंटन।

भारत सरकार/विदेश संस्‍थाओं / स्‍वैच्छिक संगठनों आदि के माध्‍यम से संसाधन जुटाना।
 

प्रार्थना-पत्र किसे व कैसे दें ?

 

जिस चिकित्‍सालय में ईलाज चल रहा है उससे संबंधित क्षेत्राधिकार वाले संभागीय आयुक्‍त को प्रार्थना पत्र प्रस्‍तुत किया जाना है।

(क) बी.पी.एल. में चयनित व्‍यक्ति-मेडिकेयर रिलीफ कार्ड की प्रमाणित फोटो प्रति ।
(ख) जिस चिकित्‍सालय में रोगी का ईलाज किया जाना है, उसी चिकित्‍सालय के संबंधित चिकित्‍सक द्वारा जारी बीमारी के उपचार एवं निदान पर होने वाले खर्च के अनुमान का मूल प्रमाण पत्र ।
(ग) गम्‍भीर बीमारी का राज्‍य के किसी भी राजकीय चिकित्‍सालय में उपचार/निदान की सुविधा उपलब्‍ध नहीं होने पर राजकीय सवाई मानसिंह चिकित्‍सालय का अनुपलब्‍धता प्रमाण-पत्र ।
रोगी सम्‍बन्‍धी ईलाज/निदान की सुविधा चिकित्‍सा महाविद्यालय से संबंधित चिकित्‍सालय में उपलब्‍ध नहीं होने पर रोगी को राज्‍य के अन्‍य चिकित्‍सा महाविद्यालय से संबंधित चिकित्‍सालय में अथवा राज्‍य के उन निजी चिकित्‍सालयों में जिन्‍हें कभी किसी तरह की छूट दी गई थी जैसे- सीमा शुल्‍क में छूट, आयात शुल्‍क में छूट, रियायती दर पर भूखण्‍ड का आवंटन इत्‍यादि में भेजा जा सकेगा। राज्‍य से बाहर रोग के निदान/उपचार हेतु केवल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान में ही भेजा जा सकेगा।

 

सहायता कहॉं से व कैसे प्राप्‍त होती है ?

 

बी.पी.एल. में चयनित परिवारों के लिये – इस योजना के अन्‍तर्गत बी.पी.एल. परिवार के सदस्‍य को चिकित्‍सा महाविद्यालय के संबंधित विशिष्‍टता के विभागाध्‍यक्ष द्वारा रोग के निदान/उपचार में होने वाले व्‍यय के अनुमान पर अंकित राशि का शत-प्रतिशत भुगतान राजस्‍थान मुख्‍यमंत्री जीवन रक्षा कोष समिति की प्रबन्‍धकारिणी द्वारा किया जाता है। इस योजना के अन्‍तर्गत पात्र व्‍यक्ति को सहायता राशि का नकद भुगतान नहीं किया जाकर स्‍वीकृत राशि संबंधित चिकित्‍सालय को भेजी जाती है। बी.पी.एल. परिवारों को सहायता राशि के लिए आवेदन का

 

  • बी.पी.एल. परिवारों को सहायता राशि के लिए आवेदन का प्रारूप

 

 

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